मूर्ख दिवस
चलो खुराफाती करें, मूर्ख दिवस है आज।
रखना प्यारे दोस्त के, सिर मूर्खों का ताज।। १
मूर्ख दिवस पर तो सभी, बने हैं चालबाज।
दोस्त कभी आते नहीं, इस आदत से बाज।। २
दोस्त शरारत तो करे , करे नहीं नाराज।
दोस्त बिना होता नहीं, मूर्ख दिवस पर नाज।। ३
मार्च माह के बाद में, आता है अप्रैल।
मूर्ख भरी हर बात से, धोता दिल का मैल।। ४
मस्ती मजाक हो मगर, इतना रखना ध्यान।
मूर्ख भरी व्यवहार से, करें नहीं नुकसान।। ५
कलम शरारत की चले, लिख दे हर अहसास ।
डुबो हँसी की स्याह में, रंग दे कैनवास।। ६

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